DNA ki khoj kisne ki ? DNA kyaa hai ? || DNA के बारे में सारी जानकारी जाने यहां क्लिक करके

DNA ki khoj kisne ki ? DNA kyaa hai ? || DNA के बारे में सारी जानकारी जाने यहां क्लिक करके : दोस्तों DNA का नाम तो हम सब ने एक बार तो सूना ही होगा। और हम में से लगभग कुछ ही लोग DNA के बारे में जानते होंगे। डीएनए (DNA) जिसका फुल फॉर्म है डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (Deoxyribonucleic Acid) का पूर्ण रूप होता हा| DNA एक ऐसा पदार्थ है जो हर प्राणी के अंदर पाया जाता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव| डीएनए को 5 भाग में विभाजित किया जाता है।

DNA का फूल फॉर्म : DNA का फुल फॉर्म Deoxyribonucleic Acid होता है।

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तो दोस्तों पहले आप यह जानले की डीएनए एक ऐसा पदार्थ है जो हर एक्के अंदर होता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव यह हर एक्के अंदर होता है। अब आपको बता दे की फ्रेडरिक मिशर ने बर्ष 1869 में डीएनए की खोज की थी और उन्होंने इसका नाम न्यूक्लिन रखा” इसके बाद 1881 में अल्ब्रेक्ट कोसेल ने न्यूक्लिन को न्यूक्लिक एसिड की तरह पाया। तब इसे डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक एसिड नाम दिया गया था और इसे ही डीएनए का फुल फॉर्म कहा जाता है।

DNA kyaa hai ?

DNA एक डबल Spiral के आकार का होता है जिसे कसकर एक साथ रखा जाता है। 4 बेस जोड़े A, C, G, और T से मिलकर बने रासायनिक घटक हैं और इनमें नाइट्रोजन होता है। इस डीएनए अणु में आधारों का क्रम है जो इसमें शामिल आनुवंशिक जानकारी को निर्धारित करता है। यदि DNA को Electron Microscope से देखा जाय तो यह सीढ़ीनुमा वस्तु के समान दिखाई देता है और यह एक स्प्रिंग के जैसे मुड़ा हुआ होता है। इसमें दो Stands होते हैं जो आपस में संगठित होकर एक विशेष आकार में परिवर्तित हो जाते हैं। इन दोनो के संगठन को DNA Double Helix के नाम से जाना जाता है। यदि DNA के Structure की बात की जाय तो इसमें Phosphate, Deoxyribose Sugar तथा Nitrogen Base Pair होते हैं। दोनों शुगर Stands आपस में Nitrogen Base Pair के माध्यम से आपस में कनेक्टेड होते हैं। इसी Base Pair में Genetic गुण शामिल होते हैं, जिसे Genetic Code कहा जाता है।आइए जानते हैं कि Dna Ki Khoj Kisne Ki?

DNA kyaa hai ?

DNA की पहचान Johann Friedrich Miescher ने 1869 में की थी। उन्होंने इसका नाम Nuclein दिया था इसके बाद 1881 में Albrecht Kossel ने Nuclein को Nucleic Acid की तरह पाया तो इसका नाम डीऑक्सीराइबोज़ न्यूक्लिक एसिड रख दिया गया। और इसने DNA को 5 भागो में बाँट दिया एडिनाइन (ए), साइटोसिन (सी), गुआनिन (जी), थाइमिन (टी) और Uracil (यू)। इस काम के लिए इन्हें 1910 में नावेल प्राइज भी मिला। यदि DNA के आण्विक संरचना की बात की जाए तो James Watson और Francis Crick ने सबसे पहले 1951 में DNA की आणविक संरचना को पहचाना था। और इसके लिए 1962 में Watson, Crick, और Wilkins को भी नोबेल पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया।

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DNA Test एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति की आनुवंशिक जानकारी का पता लगाने के लिए किया जाता है। डीएनए टेस्ट से किसी की पहचान की जा सकती है। यानी किसी के माता-पिता की पहचान करने के लिए डीएनए टेस्ट किया जा सकता है। इसके साथ, एक व्यक्ति कुछ बीमारियों के वंश और जोखिम का पता लगा सकता है।डीएनए टेस्ट कई कारणों से किया जाता है। जैसे व्यक्तिगत अनुनय और कानून, जैसे कि बाल सहायता, बाल हिरासत, गोद लेने, आप्रवास, विरासत, और फोरेंसिक मुद्दे, वंशानुगत निदान, बलात्कार, हत्या, आदि।

DNA की खोज किसने की ?

DNA की पहचान Johann Friedrich Miescher ने 1869 में की थी। उन्होंने इसका नाम Nuclein दिया था इसके बाद 1881 में Albrecht Kossel ने Nuclein को Nucleic Acid की तरह पाया तो इसका नाम डीऑक्सीराइबोज़ न्यूक्लिक एसिड रख दिया गया। और इसने DNA को 5 भागो में बाँट दिया एडिनाइन (ए), साइटोसिन (सी), गुआनिन (जी), थाइमिन (टी) और Uracil (यू)। इस काम के लिए इन्हें 1910 में नावेल प्राइज भी मिला। यदि DNA के आण्विक संरचना की बात की जाए तो James Watson और Francis Crick ने सबसे पहले 1951 में DNA की आणविक संरचना को पहचाना था। और इसके लिए 1962 में Watson, Crick, और Wilkins को भी नोबेल पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया।

DNA की खोज किसने की ?

तो दोस्तों पहले आप यह जानले की डीएनए एक ऐसा पदार्थ है जो हर एक्के अंदर होता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव यह हर एक्के अंदर होता है। अब आपको बता दे की फ्रेडरिक मिशर ने बर्ष 1869 में डीएनए की खोज की थी और उन्होंने इसका नाम न्यूक्लिन रखा” इसके बाद 1881 में अल्ब्रेक्ट कोसेल ने न्यूक्लिन को न्यूक्लिक एसिड की तरह पाया। तब इसे डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक एसिड नाम दिया गया था और इसे ही डीएनए का फुल फॉर्म कहा जाता है।

DNA को कितने भागो में विभाजित किया जाता है ?

डीएनए (DNA) जिसका फुल फॉर्म है डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (Deoxyribonucleic Acid) का पूर्ण रूप होता हा| DNA एक ऐसा पदार्थ है जो हर प्राणी के अंदर पाया जाता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव| डीएनए को 5 भाग में विभाजित किया जाता है जो की कुछ इस प्रकार से हैं:

  • एडेनिन (ए),
  • साइटोसिन (ए) (सी),
  • गुआनिन (जी),
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  • थाइमिन (टी)
  • यूरासिल (यू)

DNA किससे बनता है?

डीएनए न्यूक्लियोटाइड्स नामक रासायनिक ब्लॉकों से बना होता है। ये बिल्डिंग ब्लॉक तीन भागों से बने होते हैं। एक फॉस्फेट समूह, एक चीनी समूह और चार प्रकार के नाइट्रोजन बेस। डीएनए का एक किनारा बनाने के लिए, न्यूक्लियोटाइड्स को चेन में जोड़ा जाता है, जिसमें फॉस्फेट और चीनी समूह बारी-बारी से होते हैं।

DNA किससे बनता है?

न्यूक्लियोटाइड में पाए जाने वाले नाइट्रोजन के चार प्रकार हैं। एडेनिन (ए), थाइमिन (टी), ग्वानिन (जी) और साइटोसिन (सी)। इन ठिकानों का क्रम, या अनुक्रम, यह निर्धारित करता है कि डीएनए के एक स्ट्रैंड में क्या जैविक निर्देश निहित हैं। उदाहरण के लिए, अनुक्रम एटीसीजीटीटी नीली आंखों के लिए निर्देश दे सकता है, जबकि एटीसीजीसीटी भूरे रंग के लिए निर्देश दे सकता है। मानव के लिए पूर्ण डीएनए निर्देश पुस्तिका या जीनोम में लगभग 3 बिलियन ठिकाने और 23 जोड़े गुणसूत्रों पर लगभग 20,000 जीन होते हैं।

आखिर क्यों और कब कराना चाहिए DNA टेस्ट?

किसी के आनुवंशिक विकारों का निदान करने के लिए और यह निर्धारित करने के लिए कि क्या किसी व्यक्ति में आनुवंशिक उत्परिवर्तन है और इसे अलाबा भी अपने बच्चों को बचाने के लिए डीएनए परीक्षण, या आनुवंशिक परीक्षण के लिए डीएनए टेस्ट कराना चाहिए। इससे व्यक्ति वंश और कुछ बीमारियों के जोखिम का पता लगा सकता है। इसके अलाबा भी यह विभिन्न कारणों के लिए भी डीएनए टेस्ट कराना चाहिए जैसे कि व्यक्तिगत अनुनय और कानून, बाल सहायता, हत्या, गोद लेने,बाल हिरासत, विरासत, और फोरेंसिक मुद्दे, आप्रवास, वंशानुगत निदान, बलात्कार, आदि।

आखिर क्यों कराना चाहिए DNA टेस्ट?

कब कराना चाहिए DNA टेस्ट : अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य उम्र के एक पड़ाव पर आकार एक जैसे तरीके के रोगों से ग्रस्त हो जाते है तो आप डीएनए टेस्ट करवा सकते है. हम में से बहुत से लोगों को पता नही होता है कि उन्हें कौनसा वंशानुगत रोग है, ऐसे में डीएनए टेस्ट करवाया जा सकता है. जिन महिलाओं को गर्भपात हुआ है, उन्हें इस टेस्ट को करवाना चाहिए.

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कैसे होता है DNA टेस्ट

डीएनए टेस्ट के लिए आपके शरीर से कुछ सैंपल लिया जाता है. इसमें आपके खून, उल्ब तरल, बाल या त्वचा आदि लिया जा सकता है. आपको बता दें कि उल्ब तरल या एम्नियोटिक फ्लूइड गर्भावस्था में भ्रूण के चारों ओर मौजूद तरल को कहते हैं. इसके अतिरिक्त आप डीएनए टेस्ट कराने वाले व्यक्ति के गालों के अंदरूनी भाग से भी सैंपल लिए जा सकते हैं. इन नमूनों के जाँच के लिए जगह-जगह पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ बनाईं गईं हैं. इन प्रयोगशालाओं में आप एक निश्चित रकम जो कि 10 से 40 हजार के बीच हो सकती है, चुका कर डीएनए टेस्ट करवा सकते हैं. जाँच की रिपोर्ट आपको 15 दिनों के अंदर मिल सकती है.

आखिर कैसे बनता है DNA ?

डीएनए टेस्ट के लिए आपके शरीर से कुछ सैंपल लिया जाता है. इसमें आपके खून, उल्ब तरल, बाल या त्वचा आदि लिया जा सकता है. आपको बता दें कि उल्ब तरल या एम्नियोटिक फ्लूइड गर्भावस्था में भ्रूण के चारों ओर मौजूद तरल को कहते हैं. इसके अतिरिक्त आप डीएनए टेस्ट कराने वाले व्यक्ति के गालों के अंदरूनी भाग से भी सैंपल लिए जा सकते हैं. इन नमूनों के जाँच के लिए जगह-जगह पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ बनाईं गईं हैं. इन प्रयोगशालाओं में आप एक निश्चित रकम जो कि 10 से 40 हजार के बीच हो सकती है, चुका कर डीएनए टेस्ट करवा सकते हैं. जाँच की रिपोर्ट आपको 15 दिनों के अंदर मिल सकती है.

पहली बार किसने आणविक संरचना को पहचानती है?

बर्ष 1951 में सबसे पहले जेम्स वाटसन और फ्रांसिस क्रिक ने डीएनए की आणविक संरचना को पहचानने थे और इसके लिए बर्ष 1962 में वाटसन, क्रिक और विल्किंस को नोवेल पुरस्कार से साथ सम्मानित किया गया था।

आणविक संरचना
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रासायनिक संरचना (Chemical structure) के निर्धारण का अर्थ रसायनज्ञ द्वारा आण्विक ज्यामिति निर्दिष्ट करना, और यदि सम्भव हो और आवश्यक हो तो, उसकी इलेक्ट्रॉनिक संरचना भी निर्दिष्ट करना। आणविक ज्यामिति के अन्तर्गत अणु में परमाणुओं की स्थानिक व्यवस्था के साथ-साथ उन परमाणुओं को एक साथ रखने वाले रासायनिक आबन्धों को भी दर्शाया जाता है। आणविक ज्यामिति को संरचना सूत्र तथा आणविक मॉडल के द्वारा निरूपित किया जा सकता है।

DNA से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • डीएनए किसी भी जीवित कोशिका में पाया जाने वाला गुणसूत्र है।
  • आमतौर पर डीएनए दोहरे सर्पिल के आकार का होता है जो एक साथ मजबूती से जुड़ा होता है। चार क्षार जोड़े ए, सी, जी और टी से बने रासायनिक घटक होते हैं और इसके साथ ही उनमें नाइट्रोजन भी होता है। इस डीएनए अणु में आधारों का क्रम वह है जो इसमें निहित आनुवंशिक जानकारी को निर्धारित करता है। तो इस प्रकार, त्वचा, यह क्रम बालों के रंग, नाक के आकार से लेकर लक्षणों तक लगभग सब कुछ निर्धारित करता है।
  • डीएनए के एक छोटे से हिस्से को जीन कहा जाता है और जीन के अनुक्रम को जीनोम कहा जाता है। सभी आनुवंशिक निर्देश जीनोम में ही कोड के रूप में दर्ज होते हैं। यदि आप 60 शब्द प्रति मिनट, 8 घंटे प्रतिदिन टाइप करते हैं, तो आपको पूरे मानव जीनोम को टाइप करने में लगभग 50 वर्ष लगेंगे।
  • डीएनए में फॉस्फेट, डीऑक्सीराइबोज शुगर और नाइट्रोजनस बेस पेयर होते हैं। दोनों चीनी स्टैंड नाइट्रोजन बेस पेयर द्वारा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस आधार युग्म में एक आनुवंशिक गुण होता है, जिसे आनुवंशिक कोड कहा जाता है। यह आनुवंशिक कोड आनुवंशिक लक्षणों के साथ-साथ पीढ़ी-दर-पीढ़ी पारित किया जाता है।
  • एलेक जेफ्रीज़ जिन्होंने 1984 में चमत्कारिक ढंग से डीएनए फ़िंगरप्रिंटिंग का आविष्कार किया था। उन्होंने सीखा कि हर इंसान का डीएनए पैटर्न भी पूरी तरह से अलग होता है। उन्होंने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग करके बारकोड जैसी छवि बनाई। जिससे दो व्यक्तियों के डीएनए में समानता की पहचान की जा सके।
  • डीएनए की खोज 1869 में फ्रेडरिक मिशर ने की थी। वैज्ञानिकों को पहली बार 1943 तक यह एहसास नहीं हुआ था कि यह कोशिकाओं में मौजूद एक आनुवंशिक पदार्थ है। फिर 1943 से पहले, वैज्ञानिकों का मानना ​​​​था कि सभी आनुवंशिक जानकारी प्रोटीन में संग्रहीत होती है।
  • एकल भ्रूण के विभाजन से पैदा हुए जुड़वा बच्चों में 100% समान डीएनए होता है। ऐसे जुड़वां बच्चों को “मोनोजेनिक जुड़वां” कहा जाता है।
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  • इसमें माता-पिता और उनके बच्चों का डीएनए लगभग 99.5% समान होता है। डीएनए बहुत स्थिर होता है जो उम्र के साथ नहीं बदलता है।
  • मानव जीनोम लगभग 3 अरब आधार जोड़े से बना है, जिनमें से केवल 3% डीएनए अनुक्रम प्रोटीन को एन्कोड कर सकते हैं। अन्य 97% डीएनए निष्क्रिय है, जिसे “जंक डीएनए” कहा जाता है।
  • डीएनए हर एक कोशिका में होता है ये कोशिका के अंदर 0.09 माइक्रोमीटर की जगह घेरता है मगर इसे फैलाया जाये तो ये 1.8 मीटर लम्बा होगा।
  • डीएनए का परीक्षण खून, गाल की कोशिका और मूत्र के सैंपल से किया जाता है।
  • स्विस चिकित्सक फ्रेड्रिक मोइस्चर ने पहली बार 1869 में डीएनए की खोज की थी, लेकिन उस समय उन्हें यह नहीं पता था कि डीएनए आनुवंशिक सामग्री है।
  • हमारा डीएनए चिंपैंजी के समान 98% और केले के समान 50% होता है।
  • केवल 1 ग्राम डीएनए में लगभग 700 टेराबाइट तक की जानकारी स्टोर कर सकता है।
  • इंसानों और गोभी का डीएनए लगभग 40-50% समान होता है।
  • डीएनए हजारों साल पुराने जैविक अवशेषों से प्राप्त किया जा सकता है, यहां तक ​​कि 2.5 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों से भी, जैसे कि एम्बर में फंसे कीड़े।
  • “बेडेलॉइड रोटिफ़र्स” मछली हैं जो बाहर से डीएनए खाकर ऊर्जा प्राप्त करती हैं। यह मछली एक सूक्ष्म जीव है; जो ज्यादातर साफ पानी में पाया जाता है। इसका आकार 150 से 700 µm (माइक्रोमीटर) तक होता है।

डबलहेलिक्स DNA किसे कहते है?

यदि डीएनए को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखा जाए तो यह सीढ़ी जैसी वस्तु जैसा दिखता है और स्प्रिंग की तरह घुमावदार होता है। इसमें दो स्टैंड एक साथ व्यवस्थित और एक निश्चित आकार में मुड़े हुए होते हैं और इन दोनों संगठनों को डीएनए डबल हेलिक्स के रूप में जाना जाता है।

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Conclusion (निष्कर्ष)

तो दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल में यह जाना की DNA क्या होता है। DNA का आविष्कार किसने किया व् DNA के बारे में अन्य कही जानकारी आज हमने इस आर्टिकल में जाना। अगर हमारा यह लेख आपको पसंद आयो हो तो अपने दोस्तों के साथ शेर करना न भूले।

FAQs For DNA kyaa hai ?

1. DNA क्या है ?

तो दोस्तों पहले आप यह जानले की डीएनए एक ऐसा पदार्थ है जो हर एक्के अंदर होता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव यह हर एक्के अंदर होता है। अब आपको बता दे की फ्रेडरिक मिशर ने बर्ष 1869 में डीएनए की खोज की थी और उन्होंने इसका नाम न्यूक्लिन रखा” इसके बाद 1881 में अल्ब्रेक्ट कोसेल ने न्यूक्लिन को न्यूक्लिक एसिड की तरह पाया। तब इसे डीऑक्सीराइबोज न्यूक्लिक एसिड नाम दिया गया था और इसे ही डीएनए का फुल फॉर्म कहा जाता है।

2. DNA का फुल फॉर्म क्या है ?

DNA का फुल फॉर्म Deoxyribonucleic Acid होता है।

3. DNA को कितने भागो में विभाजित किया जाता है ?

डीएनए (DNA) जिसका फुल फॉर्म है डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (Deoxyribonucleic Acid) का पूर्ण रूप होता हा| DNA एक ऐसा पदार्थ है जो हर प्राणी के अंदर पाया जाता है जैसे कि सूक्ष्म जीव, विशाल वृक्ष हो या मानव| डीएनए को 5 भाग में विभाजित किया जाता है जो की कुछ इस प्रकार से हैं:

एडेनिन (ए),
साइटोसिन (ए) (सी),
गुआनिन (जी),
थाइमिन (टी)
यूरासिल (यू)

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